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सोमवार, 21 दिसम्बर 2015 11:49

वरिष्ठ नेता का पत्र विशुद्ध इस्लाम के अध्ययन की दावत

वरिष्ठ नेता का पत्र विशुद्ध इस्लाम के अध्ययन की दावत

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने पश्चिमी देशों के युवाओं के नाम इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के पत्र को विशुद्ध इस्लाम के अध्ययन का निमंत्रण बताया है।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने अपने ख़ुतबों में कहा कि पश्चिमी देशों के युवाओं के नाम इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के पत्र ने सत्य और असत्य के अंतर को स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पत्र पश्चिमी युवाओं को इस चिंतन की दावत देता है कि हिंसा, चरमपंथ और आतंकवाद के बारे में असली तथ्य क्यों सामने नहीं आ रहे हैं। तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा कि पश्चिमी देशों के युवाओं के नाम इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के पत्र में आतंकवाद की जड़ों और पश्चिम के दोहरा मापदंडों को बड़ी सूक्ष्मता और तार्किक ढंग से रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आशा है कि इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का पत्र इस्लामी क्रान्ति के वैश्विक हो जाने की शुभसूचना साबित होगा। हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने इराक़ में तुर्क सैनिकों के प्रवेश की निंदा करते हुए कहा कि यह एसी ख़तरनाक परम्परा है जिससे न केवल तुर्की बल्कि पूरे क्षेत्र को नुक़सान पहुंचेगा। तेहरान की नमाज़े जुमा के इमाम ने तुर्की को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने तर्कहीन सैनिक क़दम के मध्यम से क्षेत्र में तनाव और न बढ़ाए। उन्होंने आज़रबाईजान गणराज्य के एक गांव में पुलिस द्वारा इमाम हुसैन के श्रद्धालुओं पर हमले की निंदा करते हुए इस देश की सरकार को नसीहत की कि नागरिकों के मूल अधिकारों का सम्मान करे और इस भूल में न रहे कि बल प्रयोग से लोगों को उनकी आस्थाओं से दूर किया जा सकता है।

 

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