शनिवार, 18 मई 2013 04:03

फ़ारसी सीखें-37वां पाठ

जैसा कि आपको याद होगा मोहम्मद और सईद बहारिस्तान चौक पर टहल रहे थे और आयतुल्लाह मुदर्रिस के बारे में कि जो एक धर्मगुरु एवं सांसद थे बातचीत कर रहे …
सोमवार, 15 अप्रैल 2013 09:09

फ़ारसी सीखें-36वां पाठ

मोहम्मद और उसका मित्र सईद, आज बहारिस्तान चौक पर मिलने वाले हैं। मोहम्मद मैट्रो द्वारा इस चौक पर पहुंचता है। बहारिस्तान तेहरान का पुराना चौक है यहीं पर मजलिस अर्थात …
शनिवार, 16 मार्च 2013 09:21

फ़ारसी सीखें-35वां पाठ

आज के कार्यक्रम में हम विदेश में ईरान के सांस्कृतिक विचार विमर्श केन्द्र से संबंधित ईरान की गतिविधियों के कुछ भागों से परिचित होंगे। वास्तव में ईरान का सांस्कृतिक विचार …
मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013 15:24

फ़ारसी सीखें-34वां पाठ

ईरान की मूल पेंटिंग को मिनियातोर अर्थात मिनिएचर कहते हैं। इस कला में प्रायः सीधी लाइन का प्रयोग नहीं किया जाता बल्कि घुमावदार चित्र को बहुत ही बारीक नोक वाले …
रविवार, 03 फ़रवरी 2013 13:03

फ़ारसी सीखें-33वां पाठ

आज के कार्यक्रम में इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी पर चर्चा करेंगे। जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित …
रविवार, 20 जनवरी 2013 08:21

फ़ारसी सीखें-32वां पाठ

मोहम्मद, सईद और रामीन एक दूसरे के साथ किश्म से कीश द्वीप चले गये हैं। नौका से यात्रा, ठंडी हवा और फार्स की खाड़ी में सूर्यास्त का दृश्य उन्हें भूलता …
बृहस्पतिवार, 20 दिसम्बर 2012 09:46

फ़ारसी सीखें-31वां पाठ

आज के कार्यक्रम में हम आपको ईरान के रेलमार्ग के एक एतिहासिक एवं रोचक पुल से अवगत करायेंगे। यह पुल, जिसे विश्व ख्याति प्राप्ति है, पुले वरसक के नाम से …
बृहस्पतिवार, 29 नवम्बर 2012 12:08

फ़ारसी सीखें-30वां पाठ

ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की एक विशेषता यह भी थी कि वे लोगों की समस्याओं पर बहुत अधिक ध्यान देते थे और ईरान व विश्व …
मंगलवार, 16 अक्तूबर 2012 09:24

फ़ारसी सीखें-29वां पाठ

जैसा कि आपको याद होगा पिछली कुछ कड़ियों में हमने संक्षेप रूप से आपको ईरान के मार्गों से अवगत कराया। पिछली कड़ी में हमने ईरान के हवाई उद्योग एवं मार्गों …
बुधवार, 03 अक्तूबर 2012 12:34

फ़ारसी सीखें-28वां पाठ

  आज के कार्यक्रम में ईरानी रेलवे के इतिहास के बारे में बात करेंगे। वर्ष 1886 में तेहरान और शहरे रै के बीच ईरान की प्रथम रेलवे लाइन का निर्माण …
शनिवार, 08 सितम्बर 2012 12:47

फ़ारसी सीखें-27वां पाठ

आज के कार्यक्रम में हम आपको एक सक्रिय ईरानी युवा से परिचित कराना चाहते हैं। हुसैन अहमदी एक सफल व मेहनती युवा हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है और …
शनिवार, 25 अगस्त 2012 11:36

फ़ारसी सीखें-26वां पाठ

पिछले कार्यक्रम में हमने रेशम मार्ग के बारे में बातचीत की थी। आज के कार्यक्रम में मोहम्मद और सईद ईरान के मार्गों के बारे में अपनी बातचीत जारी रखेंगे। इस …
रविवार, 29 जुलाई 2012 12:29

फ़ारसी सीखें-25वां पाठ

आज  की चर्चा में हम आपको एक सक्रिय ईरानी युवा से परिचित कराना चाहते हैं। हुसैन अहमदी एक सफल व मेहनती युवा हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है और …
सोमवार, 16 जुलाई 2012 12:23

फारसी सीखें, 24वां पाठ

मुहम्मद लोरिस्तान प्रांत के एक छात्र से परिचित हुआ और उसने लोरी भाषा और लोरिस्तान प्रांत के बारे में कुछ नई बातें सीखीं। वह मसऊद से बात करता है जो …
बृहस्पतिवार, 07 जून 2012 13:57

फारसी सीखें, 23वां पाठ

पर्वतारोही शूरवीरों में से एक और एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाली ईरानी महिला नसरीन नेअमती हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के व्यायाम हाल में पर्वतारोही टीम के मध्य भाषण दिया। उनके …
बृहस्पतिवार, 31 मई 2012 11:57

फ़ारसी सीखें , 22वां पाठ

मुहम्मद और सईद विश्वविद्यालय में हैं और कुछ छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के हाल में खड़े बातें कर रहे हैं। व्यायाम और खेल कूद का हाल, छात्रों के एकत्रित होने …
बृहस्पतिवार, 24 मई 2012 10:59

फ़ारसी सीखें, 21वां पाठ

ईरान में लकड़ी के हस्तकला उद्योगों में से एक क़लमकारी भी है जो बहुत ही सूक्ष्म कला है। आज की चर्चा में हम आपको क़लमकारी से परिचित कराएंगे। क़लमकारी में …
बृहस्पतिवार, 17 मई 2012 09:42

फ़ारसी सीखें 20वां पाठ

दो मित्र मुहम्मद और रामीन बाज़ार की मस्जिद में पवित्र क़ुरआन को सजाने और उसको प्रदीप्त करने के बारे में बात कर रहे हैं। मुहम्मद मस्जिद में रखे सुन्दर मिंबर …
बृहस्पतिवार, 10 मई 2012 11:50

फ़ारसी सीखें, 19वां पाठ

दो मित्र मुहम्मद और रामीन बाज़ार की मस्जिद में पवित्र क़ुरआन को सजाने, उद्घोधन और उसको प्रदीप्त करने के बारे में बात कर रहे हैं। मुहम्मद मस्जिद में रखे सुन्दर …
बृहस्पतिवार, 03 मई 2012 12:46

फ़ारसी सीखें- 18वां पाठ

मोहम्मद और सईद शुक्रवार को रेस्त्रां जाने का कार्यक्रम बनाते हैं ताकि वहां फ़िसन्जान नामक विशेष ईरानी पकवान खाएं। मोहम्मद ने अभी तक फ़िसन्जान नहीं खाया है। फ़िसन्जान एक सालन …
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