सोमवार, 28 मार्च 2011 10:30

नौरोज़ ३

ईरानी बसंत ऋतु के आगमन और विश्व के नवीनीकरण का महा उत्सव मना रहे हैं। नौरोज़ के आगमन की शुभ सूचना देने वाले को फ़ारसी भाषा में अम्मू नौरौ़ज़ कहते …
रविवार, 27 मार्च 2011 10:54

नौरोज़ २

ईरानियों के प्राचीन उत्सव नौरोज़ और बसंत ऋतु के दिन चल रहे हैं। ईरानियों ने प्राचीन परंपराओं के आधार पर नववर्ष का आरंभ बड़े ही उत्साह से किया है। यह …
रविवार, 27 मार्च 2011 10:44

नौरोज़ १

वर्ष के एक आकर्षक मौसम में ईश्वर की अदभुत एवं उत्कृष्ट महानता एक बार फिर झलकने लगी है। बहार का मौसम आ गया है और मनुष्य ईश्वर की रचनाओं के …
आज पैग़म्बरे इस्लाम के परपौत्र इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम ने वर्ष 232 हिजरी क़मरी को पवित्र नगर मदीना में आज ही …
शनिवार, 12 फ़रवरी 2011 13:39

कड़े पहरे में मार्गदर्शन

आज ही के दिन पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत हुई। आज ही के दिन वर्ष 260 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत इमाम हसन असकरी …
बृहस्पतिवार, 03 फ़रवरी 2011 11:59

योग्य नेतृत्व इमाम रज़ा की दृष्टि में

इस वर्ष पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके दो परिजनों की शहादत तथा ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ की तिथियां लगभग साथ-साथ पड़ रही हैं। ईरानियों में पैग़म्बरे …
बृहस्पतिवार, 03 फ़रवरी 2011 09:13

ईश्वरीय दूतों का वियोग

ईश्वरीय दूतों का एक महत्वपूर्ण दायित्व अज्ञानता, अधर्मिता, अंध विश्वास के विरुद्ध संघर्ष और अन्याय, अत्याचार एवं मानवाधिकारों के हनन के विरुद्ध आंदोलन छेड़ना था। अंतिम एवं सर्व श्रेष्ठ ईश्वरीय …
कर्बला के शहीद इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम का अवसर है। इतिहासिक तथ्यों के अनुसार कर्बला में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के बाद जब उनके बंदी बनाए गये परिजनों …
बृहस्पतिवार, 30 दिसम्बर 2010 13:14

इतिहास रचने वाली कर्बला की महिलाएं

बहुत से महापुरुष और वे लोग जिन्होंने इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनकी सफलता के पीछे दो प्रकार की महिलाओं का बलिदान और त्याग रहा है। पहला गुट उन …
बृहस्पतिवार, 30 दिसम्बर 2010 10:29

साहस व धैर्य का पर्वत

सन ६१ हिजरी क़मरी में आशूर के दिन जब करबला का मैदान, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों के हाथों शौर्यगाथा रचे जाने का साक्षी था, तब इमाम हुसैन के …
बृहस्पतिवार, 23 दिसम्बर 2010 10:30

हज़रत ईसा मसीह

सलाम हो एक लाख चौबीस हज़ार ईश्वरीय दूतों पर। सलाम हो उन पर जिन्होंने प्यासी आत्माओं को अपने मार्ग दर्शन से तृप्ति किया और अवसाद में घिरी मनुष्य की आत्मा …
रविवार, 12 दिसम्बर 2010 13:50

अमर शौर्यगाथा 9

कर्बला का मैदान है। जो साथी रणक्षेत्र की ओर बढ़ते और शहीद हो जाते वह इमाम हुसैन के मन पर अपनी जुदाई के गहरे दुख की छाप छोड़ जाते हैं। …
रविवार, 12 दिसम्बर 2010 13:45

अमर शौर्यगाथा 8

कर्बला की घटना श्रद्धा और बलिदान की प्रदर्शनी है। बलिदान की चरम सीमा है। कर्बला का मरुस्थल बहत्तर जागरुक व दूरदर्शी हस्तियों के साथ महाशौर्यगाथा की रचना के लिए तैयार …
रविवार, 12 दिसम्बर 2010 13:41

अमर शौर्यगाथा 7

अगला दिन आ गया। इब्ने साद के सैनिकों को जल्दी मची है कि समय के सर्वोत्तम एवं पवित्र क़ुरआन के सबसे बड़े ज्ञानी व्यक्ति को शहीद करके अपने काम का …
रविवार, 12 दिसम्बर 2010 11:23

अमर शौर्यगाथा 6

रात हो गयी थी। पूरे मरुस्थल में रहस्यमई मौन छाया हुआ था। शत्रु की सेना की कौतूहल भरी आवाज़ आ रही थी। हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथियों ने अपने …
रविवार, 12 दिसम्बर 2010 11:16

अमर शौर्यगाथा 5

हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का कारवां मरुस्थल पर छाये घोर सन्नाटे में आगे बढ़ रहा था। ऊंटों की गर्दनों में बंधी घंटियों की आवाज़ सुनाई दे रही थी। अचानक कारवां …
शनिवार, 11 दिसम्बर 2010 13:47

अमर शौर्यगाथा-4

रेगिस्तान में सरपट दौड़ रहे थे और उनकी टापों से उठने वाली धूल से आकाश पर बादल से बन गये थे। करबला की धरती ने इससे पहले इतने लोगों को …
 इंसान को बेदार तो हो लेने दो - हर क़ौम पुकारेगी हमारे हैं हुसैनअत्याचार के विरुद्ध इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के संघर्ष में आशूरा की घटना उस गगन चुंबी चोटी की भांति है …
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, एक एसी घटना है जिसमें प्रेरणादायक और प्रभावशाली तत्वों की भरमार है। यह आंदोलन इतना शक्तिशाली है जो हर युग में लोगों को संघर्ष और …
बृहस्पतिवार, 09 दिसम्बर 2010 15:08

अमर शौर्यगाथा-३

भोर का समय एक अन्य सूर्योदय की प्रतीक्षा में था। संसार पर सन्नाटा छाया हुआ था, मानो किसी आने वाले तूफ़ान से पहले का मौन छाया हुआ हो। हुसैन अलैहिस्सलाम …