यह वेबसाइट बंद हो गई है। हमारी नई वेबसाइट हैः Parstoday Hindi
रविवार, 10 अप्रैल 2016 12:19

12 अप्रैल

24 फ़रवरदीन सन 1380 हिजरी शम्सी को आयतुल्लाह शैख़ मुजतबा मोहम्मदी इराक़ी का 86 वर्ष की आयुमें निधन हुआ। 24 फ़रवरदीन सन 1380 हिजरी शम्सी को आयतुल्लाह शैख़ मुजतबा मोहम्मदी इराक़ी का 86 वर्ष की आयुमें निधन हुआ।

12 अप्रैल सन 1531 ईसवी को जर्मनी के पूंजीपति प्रोटिस्टेंट ईसाइयों के बीच सैनिक एवं धार्मिक समझौता हुआ। मार्टिन लूथर के धर्म अर्थात प्रोटेस्टेंट से प्रभावित होकर उक्त पूंजीपतियों ने वचन दिया कि कैथोलिक राजाओं के आक्रमण की स्थिति में वे मिलकर प्रतिरोध करेंगे। किंतु यारोप के शक्तिशाली राजा शारलेकन के आक्रमण के सामने प्रोटिस्टेंट ईसाई टिक न सके और उनकी पराज हो गयी।

12 अप्रैल सन 1867 ईसवी को जापान के प्रसिद्ध सुधारवादी नरेश मोत्सो हीटो सिंहासन पर बैठे। उन्होंने ऐसे समय में सत्ता संभाली कि जापान विभिन्न क्षेत्रों में कठिनाइयों से जूझ रहा था। इसी लिए सत्ता संभालने के एक वर्ष बाद मोत्सो हीतो ने सामाजिक क्रान्ति की योजना बनाई और जापान में सुधार के कार्य आरंभ कर दिए। उन्होंने क्योटो के बजाए टोकियो को राजधानी बनाया और देश के लिए नये संविधान की रचना की। हालॉकि मोत्सो हीतो के काल में, जो 1912 में समाप्त हुआ, जापान को ध्यान योग्य सफलताएं मिली किंतु चीन और रुस से जापान ने इसी शासन काल में युद्ध भी किया।

12 अप्रैल सन 1932 ईसवी को स्पेन में प्रजातांत्रिक सरकार की स्थापना हुई और राजशाही शासन व्यवस्था का अंत हुआ। स्पेन के नरेश अलफांस 13वें के अत्याचारों को देखते हुए इस देश के प्रजातंत्र के समर्थकों ने विद्ररोह आरंभ कर दिया और नरेश को त्यागपत्र देने पर विवश कर दिया। जिसके बाद इस देश में प्रजातंत्र स्थापित हुआ किंतु यह स्थायी न रह सका। क्योंकि 1936 से राजशाही व्यवस्था के समर्थकों ने प्रजातंत्र के समर्थकों के विरुद्ध जनरल फ़्रैन्को के नेतृत्व में युद्ध छेड़ दिया और ढाई साल के अंदर यह युद्ध जीत भी लिया।

12 अप्रैल सन 1961 ईसवी को मनुष्य पहली बार अंतरिक्ष में पहुंचा और उसने पृथ्वी का चक्कर लगाया। रुस के अंतरिक्ष यात्री यूरी गैगरियन ने आज के दिन वास्तोक अंतरिक्ष यान से 89 मिनट में पृथ्वी का चक्कर लगाया। इस प्रकार अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ी उन्नति हुई। सन 1968 ईसवी में जब वे ख्याति के शिखर पर थे रुस के एक वरिष्ठ अंतरिक्ष अधिकारी के साथ एक वायु दुर्घटना में मारे गये। यूरी गैगरिन के सम्मान में 12 अप्रैल के दिन को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया है।

 

***

24 फ़रवरदीन सन 1380 हिजरी शम्सी को आयतुल्लाह शैख़ मुजतबा मोहम्मदी इराक़ी का 86 वर्ष की आयुमें निधन हुआ। वे 1294 हिजरी शम्सी में ईरान के अराक नगर के निकट एक गांव में पैदा हुए थे। वे आरंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद धार्मिक शिक्षा की ओर उन्मुख हुए तथा शैख़ अब्दुल करीम हायरी यज़्दी, सैयद मोहम्मद तक़ी ख़्वानसारी और सैयद मोहम्मद हुज्जत कोह क़मरी जैसे गुरुओं से शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने अपना अधिकतर समय अध्ययन एवं शोध कार्यों में व्यतीत किया तथा अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों की एडिटिंग की। इनमें मोहक़्क़िक़ अर्देबीली की 14 खंडों पर आधारित पुस्तक मजमउल फ़ायदा वल बुरहान का नाम विशेष रूप से लिया जा सकता है।

 

24 फ़रवरदीन सन 1290 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात धर्मगुरू आयतुल्लाह मुजतबा हातेमी लंकरानी इसफ़ेहान में पैदा हुए। इसफ़हान में आरंभिक धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए पवित्र नगर नजफ़ चले गए। नजफ़ में उन्होंने आयतुल्लाह मिर्ज़ा नाईनी, आयतुल्लाह ज़ियाउद्दीन इराक़ी और आयतुल्लाह सैयद अबुल हसन इसफ़हानी जैसे महान विद्वानों से ज्ञान अर्जित किया। इसके बाद उन्होंने नजफ़ में ही अध्यापन आरंभ कर दिया। आयतुल्लाह लंकरानी ने कुछ समय इराक़ के सामर्रा नगर में भी व्यतीत किया। इराक़ी सरकार की ओर से दबाव डाले जाने के बाद इराक़ से स्वदेश लौटे और उन्होंने इसफ़हान नगर में धार्मिक ज्ञान का प्रचार प्रसार आरंभ कर दिया। 75 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

 

More in this category: « 11 अप्रैल

Add comment


Security code
Refresh