२० अगस्त सन १९१४ ईसवी को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्ज़ पर जर्मन सेना ने नियंत्रण कर लिया। प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की सेना द्वारा अतिग्रहित की जाने वाली यह पहली राजधानी थी। बेल्जियम द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में अपनी निष्पक्षता की घोषणा के बावजूद जर्मन सेना ने ४ अगस्त सन १९१४ ईसवी को बेल्जियम पर आक्रमण किया और २० अगस्त को राजधानी ब्रसेल्ज़ पर नियंत्रण कर लिया।
***२० अगस्त सन १९९८ ईसवी को अमरीका ने दसियों मीज़ाइलों द्वारा अफ़ग़ानिस्तान व सूडान पर आक्रमण किया। वाशिंगटन का दावा था कि इस आक्रमण से दो सप्ताह पूर्व कीनिया और तन्ज़ान्या में जिन लोगों ने अमरीकी दूतावासों में विस्फ़ोट किया था वे सूडान तथा अफ़ग़ानिस्तान की सरकारों से संपर्क रखते थे। इसके अतरिक्त अमरीकी सेना ने सूडान में दवा बनाने की एक फ़ैक्टरी पर भी आक्रमण किया और वाशिंगटन ने इसका यह कारण बताया कि उस फ़ैक्टरी में रासानियक पदार्थ तैयार किये जाते हैं। अमरीका का यह दावा कभी भी सही सिद्ध नहीं हो सका। वास्तव में इस आक्रमण का कारण अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के नैतिक भ्रष्टाचार को लेकर उठे हंगामे की ओर से जनमत का ध्यान विकेंद्रित करना था।
***२० अगस्त सन १९४४ ईसवी को फ़्रांस के प्रख्यात लेखक व सहित्यकार रोमन रोलेन का निधन हुआ। उनका जन्म १९६६ ईसवी में हुआ था। उन्होंने इसी प्रकार बेटहोवेन माइकल एंजेलो तथा टॉल्सटोए सहित संसार के कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों की जीवनी भी लिखी है।
***२० अग्सत सन १९६८ ईसवी को वारसॉ सैनिक संधि में शामिल देशों की सेनाएं पूर्व सोवियत संघ की लाल सेना के नेतृत्व में चेको स्लोवाकिया की राजधानी प्राग में प्रविष्ट हुई। और एक बार फिर इस देश में कम्युनिष्ट तानाशाही स्थापित हो गयी। सोवियत संघ के विघटन के पश्चात इस देश में तानाशाही समाप्त हो गयी। और देश चेक एवं स्लोवाकी नामक दो देशों में विभाजित हो गया।
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२० अगस्त सन १९६१ ईसवी को पूर्वी जर्मनी ने पूर्वी पश्चिमी बरलिन के बीच की सीमा पर दीवार बनानी आरंभ की।
***२० अगस्त सन १९९५ ईसवी को भारत के फ़िरोज़ाबाद क्षेत्र में दो रेल गाड़ियों के बीच होने वाली जोर टक्कर में कम से कम ३५० लोग मारे गये।
***३० मुर्दाद सन ८९३ हिजरी शम्सी को ईरान और उसमानी शासन के बीच बहुत बड़ा ऐतिहासिक युद्ध आरंभ हुआ। यह युद्ध चालदरान के नाम से जाना जाता है जो ईरान के पश्चिम उत्तरी क्षेत्र ख़ूय और तबरेज़ के बीच में चलदान नामक मदान में हुआ था। इसमें एक ओर ईरान के शासक शाह इस्माईल सफ़वी की सेनाएं और दूसरी सुल्तान सलीम उसमानी की सेनाएं थीं। इस युद्ध में उसमानी सेना ने अपने आधुनिक हथियारों के सहारे ईरान की सेना को सामयिक रुप से पराजित कर दिया।



