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सोमवार, 11 अप्रैल 2016 19:28

ईरानी सेना और दूसरी सेनाओं में अंतर

ईरानी सेना और दूसरी सेनाओं में अंतर

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने रविवार को सशस्त्र बल के वरिष्ठ कमान्डरों से मुलाक़ात में सशस्त्र बल का मुख्य दायित्व राष्ट्रीय सुरक्षा की सीमाओं की देखभाल करना बताते हुए उसकी सैन्य क्षमता व धार्मिक भावना को मज़बूत बनाने पर बल दिया।

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने रविवार को सशस्त्र बल के वरिष्ठ कमान्डरों से मुलाक़ात में सशस्त्र बल का मुख्य दायित्व राष्ट्रीय सुरक्षा की सीमाओं की देखभाल करना बताते हुए उसकी सैन्य क्षमता व धार्मिक भावना को मज़बूत बनाने पर बल दिया। वरिष्ठ नेता की नज़र में ईरान का सशस्त्र बल दुनिया का एकमात्र ऐसा बल है जो एक मत का पालन करता है, आध्यात्मिक भावना रखता है, और एक ऐसे देश में सक्रिय है जो राजनैतिक दृष्टि से स्वाधीन है।

ईरान में इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद सभी मामलों में आध्यात्मिकता को मद्देनज़र रखा गया। रक्षा व सैन्य क्षमता को मज़बूत करना राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण भाग है। इस महत्वपूर्ण बिन्दु के मद्देनज़र हर देश का क़ानूनी अधिकार है कि वह अपनी भौगोलिक व राजनैतिक सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी सैन्य क्षमता को मज़बूत करे। इसलिए इस्लामी गणतंत्र ईरान के सशस्त्र बल धार्मिक शिक्षा के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा की सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने की ओर अग्रसर हैं।

ईरान की सैन्य नीति की तुलना में दुनिया की अन्य सेनाएं दो गुटों में विभाजित नज़र आती हैं। जैसा कि इस संदर्भ में वरिष्ठ नेता का कहना है कि कुछ देशों में सेना व सुरक्षा बल सिर्फ़ दिखावे के लिए होते हैं और वे सिर्फ़ सत्ता व सत्ताधारियों की रक्षा के लिए होते हैं। “इस प्रकार की सेनाओं का नमूना हमारे क्षेत्र में भी मौजूद है। जैसा कि इनमें से कुछ ने पिछले एक साल से ज़्यादा समय से पूरी ताक़त से यमन पर अतिक्रमण किया और इस देश की जनता को अपने हमलों का निशाना बनाया किन्तु अभी तक वे कुछ नहीं कर पायीं।”

दूसरे गुट में वे सेनाएं हैं जो दिखने में तो उच्च सैन्य क्षमता रखती हैं किन्तु रणक्षेत्र में, सैन्य चढ़ाई व निर्दयता ही उनका लक्ष्य होता है और इसकी मिसाल इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के क्रियाकलाप हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकार की सेनाएं रणक्षेत्र में पीछे रह जाती हैं तो ब्लैक वॉटर जैसे अपराधी बल के इस्तेमाल में तनिक भी संकोच से काम नहीं लेतीं जबकि ईरान के सशस्त्र बल ने असत्य के ख़िलाफ़ सत्य की लड़ाई में इराक़ के बासी दुश्मन सैनिकों के साथ भी मानवता पर आधारित व्यवहार किया और इस प्रकार इस्लामी मानवाधिकार को व्यवहारिक रूप में पेश किया। (MAQ/T)

 

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