यह वेबसाइट बंद हो गई है। हमारी नई वेबसाइट हैः Parstoday Hindi
रविवार, 10 अप्रैल 2016 20:19

अमेरिका को मध्यपूर्व छोड़ देना चाहिये

अमेरिका को मध्यपूर्व छोड़ देना चाहिये

ईरान के प्रतिरक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने अमेरिकी विदेशमंत्री के बयान की प्रतिक्रिया में कहा है कि अमेरिका को मध्यपूर्व को छोड़ देना चाहिये ताकि क्षेत्र में शांति की भूमि प्रशस्त हो जाये।

अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने ईरान पर क्षेत्र में अशांति फैलाने वाली कार्यवाहियां करने का आरोप लगाया था। प्रतिरक्षामंत्री हुसैन देहक़ान ने कहा कि अगर अमेरिकियों को वास्तव में क्षेत्र की शांति व सुरक्षा की चिंता है तो बेहतर है कि वे आतंकवादियों का समर्थन करना बंद कर दें। अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने अपनी हालिया फार्स की खाड़ी के क्षेत्र में यात्रा के दौरान कहा था कि अमेरिका और उसके घटक शांतिपूर्ण ढंग से ईरान के मिसाइल विवाद के समाधान का मार्ग खोजने के प्रयास में हैं। जैसाकि ईरान के प्रतिरक्षामंत्री ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी ईरानोफोबिया को सुदृढ़ करना चाहते हैं ताकि क्षेत्र के देश उन पर निर्भर रहें और अमेरिकी हथियारों की बिक्री और अधिक हो।

ईरान की मिसाइल क्षमता के बारे में अमेरिकी अधिकारियों के दावे वास्तव में ईरानोफोबिया का भाग हैं जो अमेरिका और इस्राईल की कार्यसूचि में है। वाइट हाउस ईरान के विरुद्ध दुष्प्रचार करके सदैव तेहरान पर दबाव में वृद्धि की चेष्टा में रहा है और इसी कारण वह प्रतिवर्ष ईरान के विरुद्ध आपात स्थिति के कानून में वृद्धि करता है।

ईरान पर दबाव डालने के परिप्रेक्ष्य में ही अमेरिकी अधिकारी फार्स की खाड़ी के देशों को यह समझाते हैं कि अमेरिका के साथ रहने से ही वे बाक़ी रह सकते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि अमेरिका क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की भूमिका का विरोधी है और इसी कारण वह क्षेत्रीय देशों के साथ ईरान के संबंधों को आघात पहुंचाने की चेष्टा में रहता है। अमेरिका ऐसी स्थिति में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर चिंता जता रहा है जब वह हमेशा फार्स की खाड़ी के देशों को आधुनिकतम हथियार बेचने के प्रयास में रहता है। MM

 

Media

Add comment


Security code
Refresh