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बृहस्पतिवार, 07 अप्रैल 2016 19:50

विश्व के सबसे बड़े आर्थिक घोटाले पर चर्चा अब भी जारी

विश्व के सबसे बड़े आर्थिक घोटाले पर चर्चा अब भी जारी

कई दिन बीत जाने के बावजूद इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक भ्रष्टाचार पर चर्चा अब भी जारी है।

कई दिन पहले ख़ुफ़िया दस्तावेज़ लीक होने से विश्व के बहुत बड़े आर्थिक घोटाले का पता चला था। इन दस्तावेज़ों के लीक होने से पता चलता है कि दुनिया के धनी एवं प्रभावशाली लोग किस प्रकार से टैक्स की चोरी करते हैं। ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों से जिन लोगों की अकूत संपत्ति का पता चला है उनमें राजनेता, राष्ट्राध्यक्ष और विश्वविख्यात लोग शामिल हैं।

यह ख़ुफ़िया दस्तावेज़ पनामा की एक मूसाक फोंसिका कंपनी से सार्वजनिक हुए हैं जिनकी संख्या एक करोड़ दस लाख बताई गई है।

कंपनी का कहना है कि वह पिछले चालीस वर्षों से ईमानदारी से काम कर रही है और इस पर कभी भी किसी ग़लत काम में लिप्त होने का आरोप नहीं लगा है।

ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों में 72 राष्ट्राध्यक्षों का उल्लेख किया गया है जिनमें बहुत से पूर्व राष्ट्राध्यक्ष हैं। इन लोगों पर देशों की संपत्ति लूटने का आरोप है।

पनामा की लॉ फर्म मोसाक फ़ोनसेका से मिलने वाले ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के बच्चों के नाम आने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा है कि आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए न्यायिक आयोग गठित करने का फ़ैसला किया गया है जबकि आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिगमंडर डेविड गुनालाओगसन ने पनामा पेपर्ज़ में अपने ख़ुफ़िया आफ़शोर ख़ज़ाने का पर्दाफ़ाश होने के बाद पद से त्यागपत्र दे दिया है।

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने मूसाक फोन्सिका कंपनी की ओर से जो बातें इस देश के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतीन सहित दूसरे अधिकारियों के बारे में कही गयी हैं उन सबको रद्द कर दिया है और कहा है कि यह मास्को के विरुद्ध प्रचारिक युद्ध का एक भाग है। प्रतीत यह हो रहा है कि यह विवाद अब आरंभ हो रहा है और यह अगले कुछ सप्ताहों में समाप्त नहीं होगा और आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़े कुछ दूसरे नेताओं के भी नाम सामने आयेंगे। MM

 

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