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बुधवार, 06 अप्रैल 2016 20:00

ईरान के विरुद्ध अमेरिकी दुष्प्रचार का क्रम जारी

ईरान के विरुद्ध अमेरिकी दुष्प्रचार का क्रम जारी

ईरान के विरुद्ध अमेरिका की ओर से विस्तृत पैमाने पर किये जाने वाले दुष्प्रचार इस बात के सूचक हैं कि तेहरान के विरुद्ध अमेरिका की शत्रुता यथावत जारी है।

अमेरिका के प्रतिरक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने कहा है कि अमेरिका को स्ट्रैटेजिक चुनौतियों का सामना है। उन्होंने ईरान को एक चुनौती बताया। अमेरिका के उप विदेशमंत्री ने भी इस देश के प्रतिरक्षामंत्री के बयान की भांति ईरान पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया और ईरान के मिसाइल परीक्षण पर चिंता जताई। टॉमस शेनन ने सेनेट में विदेश संबंध समिति में कहा कि परमाणु कार्यक्रम के बारे में सफल वार्ता से एसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिससे हम और गुट पांच धन एक के भागीदार देश एक संयुक्त उद्देश्य की दिशा में काम कर सकते हैं कि ईरान परमाणु हथियार प्राप्त नहीं कर सकता।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ईरान पर लागू प्रतिबंधों को जारी रखना चाहते हैं इस शर्त के साथ कि इससे परमाणु समझौते का उल्लंघन न हो। ईरान के विरुद्ध अमेरिकी प्रतिबंध का कानून जारी वर्ष के अंत तक समाप्त हो जायेगा। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के साथ होने वाला परमाणु समझौता एक उपलब्धि और अमेरिका के लिए एक सफलता है और वह अमेरिका के लिए एक स्ट्रैटेजी में परिवर्तित हो चुका है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस समझौते से ईरान को दूसरे क्षेत्रों में भी नियंत्रित किया जा सकता है जबकि इस दृष्टिकोण के विरोधी अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि परमाणु समझौते से अमेरिका को लाभ नहीं हुआ है और तेहरान के विरुद्ध दबाव व प्रतिबंध जारी रहना चाहिये। समस्त अमेरिकी अधिकारी इस बात पर एकमत हैं कि समस्त क्षेत्रों में ईरान पर दबाव जारी रहना चाहिये। बहरहाल अमेरिका ईरान पर प्रतिबंध जारी रखना चाहता है परंतु ईरान कभी भी अपनी सैद्धांतिक नीतियों व क्रांति की आकांक्षाओं व लक्ष्यों के बारे में वार्ता नहीं करेगा और वर्चस्ववादी शक्तियों के षडयंत्रों के मुकाबले में अदम्य प्रतिरोध करके यह दर्शा दिया है कि ईरान के शत्रु उसे घुटने टेकने पर बाध्य नहीं कर सकते। MM

 

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