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रविवार, 03 जनवरी 2016 14:00

तेहरान

तेहरान

तेहरान प्रांत, मध्य ईरान के उत्तर में अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के दक्षिणी स्लोप और मरुस्थल के पश्चिम स्थित है। जिसका केन्द्र तेहरान शहर है जो ईरान की राजधानी भी है। तेहरान प्रांत का क्षेत्रफल 12981 वर्ग किलोमीटर है। तेहरान की आबादी 1 करोड़ 20 लाख से ज़्यादा है। तेहरान प्रांत के उत्तर में माज़न्दरान प्रांत, दक्षिण में क़ुम प्रांत, दक्षिण-पश्चिम में मरकज़ी प्रांत, पश्चिम में अलबुर्ज़ प्रांत और पूरब में सेमनान प्रांत स्थित है। तेहरान प्रांत की ऊंची-नीची ज़मीन के तीन भाग हैं। एक हिस्सा तेहरान शहर के उत्तर में अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के पहाड़ों का, दूसरा हिस्सा केन्द्रीय एवं अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के दक्षिणी स्लोप का और तीसरा हिस्सा तेहरान प्रांत के मैदानी भाग का है। प्राकृतिक भूगोल व पर्यावरण विज्ञान की नज़र से तेहरान प्रांत अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के ज़रिए ईरान के उत्तरी प्रांतों से अलग हुआ है।

 

 

तेहरान प्रांत की उत्तरी सीमा पर अलबुर्ज के पहाड़ की ऊंचाई 1500 मीटर है जो इस प्रांत के पश्चिमोत्तर तक फैला हुआ है। जैसे जैसे तेहरान प्रांत के पूर्वी भाग की ओर बढ़ते हैं वैसे वैसे अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के पहाड़ों की ऊंचाई बढ़ती जाती है यहां तक कि इसके सबसे ऊंचे हिस्से तक पहुंच जाते हैं जो दमावंद चोटी के नाम से विश्व विख्यात है और इसकी ऊंचाई 5678 मीटर है। तेहरान प्रांत के पूर्वोत्तर में सवादकूह और फ़ीरूज़कूह पहाड़ हैं और पूरब में यह शहमीरज़ाद की पहाड़ियों से जुड़ा हुआ है। तेहरान प्रांत में केन्द्रीय अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला की दक्षिणी छोर में लवासानात, क़रे दाग़ तथा शमीरानात के पहाड़ शामिल हैं। शेमीरानात का सबसे ऊंचा पहाड़ तूचाल है जो तेहरान शहर में स्थित है और इसकी ऊंचाई 3933 मीटर है।

तेहरान प्रांत का केन्द्रीय तथा अलबुर्ज़ का दक्षिणी स्लोप खेती के लिए उपयोगी है कि इसका कारण हल्की ढाल और तलछट के रूप में इकट्ठा हुयी मिट्टी है। तेहरान प्रांत का मैदानी भाग भी हल्की ढाल वाला है और यह पश्चिमोत्तर से दक्षिण-पूर्व तक फैला हुआ है। चूंकि यह मैदान समतल हैं इसलिए ये खेती और कारख़ाने के निर्माण के लिए उचित हैं। इसलिए इसके उपनगरीय क्षेत्रों में अनेक शहर वजूद में आए हैं।

 

 

शहरयार, इस्लामशहर, रय, पाकदश्त, दमावंद, शमीरान, वरामीन और फ़ीरूज़कूह तेहरान प्रांत के महत्वपूर्ण शहर हैं। आपको बताते चलें कि तेहरान प्रांत के विभिन्न उपनगरीय इलाक़ों की जलवायु अलग अलग तरह की है और इसका कारण विशेष भौगोलिक स्थिति है। इस प्रांत के दक्षिणी भाग में मरुस्थल, उत्तरी भाग में अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के पहाड़ और पश्चिमी भाग की आर्द्र व बारिश लाने वाली हवाओं का तेहरान प्रांत की जलवायु में बहुत बड़ा रोल है। इसी प्रकार तेहरान प्रांत की जलवायु में पहाड़ियों की भी बहुत बड़ी भूमिका है।यही कारण है कि उत्तर से दक्षिण की ओर जैसे जैसे आगे बढ़ते हैं, तापमान बढ़ता जाता है और बारिश का स्तर कम होता जाता है। जबकि तेहरान प्रांत के उत्तरी भाग में पूरी शीत ऋतु में पहाड़ों के स्लोप और अलबुर्ज़ की दक्षिणी घाटियों पर बर्फ़ रहती है जिससे बर्फ़ के ऊपर स्कीइंग जैसे शीत ऋतु के खेल के लिए उचित पृष्ठिभूमि मुहैया हो जाती है। तेहरान प्रांत के कुछ क़स्बों में बहुत ज़्यादा ठंड नहीं पड़ती इसलिए इन क़स्बों में प्रकृति की सैर के लिए निकला और ग़ैर शीत ऋतु के खेल खेले जा सकते हैं।  

 

         

तेहरान प्रांत की जलवायु की दृष्टि से स्थिति के कारण इस प्रांत के पहाड़ी और मैदानी इलाक़ों में अर्थ मरुस्थलीय क्षेत्र में उगने वाली वनस्पतियां उगती हैं। कम वर्षा और शुष्क मौसम के कारण कांटेदार और ऐसी झाड़िया उगती हैं जैसी अर्ध बंजर ज़मीन पर उगती हैं। तेहरान प्रांत के उत्तरी भाग में साल में 300 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश होती है। उचित तापमान, अच्छी मिट्टी और विशेष टोपोग्राफ़िक स्थिति ने पशुपालन के लिए उचित परिस्थिति मुहैया की है। इन तत्वों के नतीजे में पहाड़ों और मैदानों में गर्मी और बसंत के मौसम की चरागाहें वजूद में आती हैं। इन क्षेत्रों में उगने वाली वनस्पतियों के नाम इस प्रकार हैं लेन्टिस्क, झाउ, सिसिब्रियम, मुलैठी, बन अजवाइन, काई और अकेन्थस।

 

 

तेहरान प्रांत के मैदानी इलाक़े पश्चिमी भाग से शुरु होते हैं जो वरामीन के मैदान तक फैले हुए हैं। तलछट के रूप में जमा हुयी मिट्टी से वजूद में आए इस मैदान का एक भाग तेहरान प्रांत के दक्षिण में स्थित है कि जो समुद्र तल से 790 मीटर की ऊंचाई पर है। इन मैदानी इलाक़ों में कांटेदार वनस्पतियां उगती हैं। तेहरान प्रांत में प्राकृतिक व अप्राकृतिक जंगल मौजूद हैं। तेहरान प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में ये जंगल मौजूद हैं। तेहरान प्रांत की पहाड़ियों पर पहाड़ी बादाम, पिस्ते, अंजीर और बरबेरी उगते हैं। हालिया वर्षों में तेहरान प्रांत में जंगलों को सुव्यवस्थित रूप से काट कर पार्क बनाए गए हैं जिन्हें पार्के जंगली या जंगली पार्क कहा जाता है। इस प्रकार के पार्कों में एक दूसरे के बहुत निकट बड़ी संख्या में पेड़ होते हैं और विभिन्न स्थानों पर बेंच वग़ैरह रखी रहती हैं।

तेहरान प्रांत के पश्चिमी भाग में स्थित चीतगर पार्क और इस प्रांत के पूर्वोत्तर में स्थित लवीज़ान पार्क सबसे बड़े हैं। सूहानक, वर्द आवुर्द, सुर्ख़े हेसार और तूस्का अन्य जंगली पार्क हैं। इन जंगली पार्कों में मुख्य रूप से चीड़, कीकर और ऐश के पेड़ होते हैं। तेहरान प्रांत में अनेक नदियां और सोते मौजूद हैं। इनमें से ज़्यादातर नदियों का उद्गम अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के पहाड़ हैं। इन नदियों और सोतों में पानी वर्षा और पहाड़ों पर जमी बर्फ़ के पिघलने से जमा होता है। इन नदियों के तट भी सैर तफ़रीह के लिए बहुत अच्छे स्थान हैं। करज नदी, जाजरूद नदी, लार नदी हबले नदी, अबहर नदी और तालेक़ान, तेहरान प्रांत की महत्वपूर्ण नदियां हैं।    

 

         

ईरान के मुख्य आर्थिक ध्रुव में तेहरान प्रांत भी है। तेहरान प्रांत की राजनैतिक, प्रशासनिक व केन्द्रीय स्थिति तथा इस प्रांत में मुख्य आर्थिक केन्द्रों की उपस्थिति के कारण इस प्रांत में उद्योग व सेवा क्षेत्र की सुविधाएं मुहैया हैं। तेहरान प्रांत के आर्थिक ढांचे में खेती का भी विशेष स्थान है। लेकिन अन्य भाग की तुलना में खेती का योगदान कम है। प्राकृतिक स्थिति और खेती की नज़र से तेहरान प्रांत को दो भागों में बांटा जा सकता है। एक संतुलित मौसम वाला पहाड़ी भाग और दूसरा अलबुर्ज़ के दक्षिणी स्लोप पर मैदानी भाग। संतुलित मौसम वाले पहाड़ी भाग के लोग फ़ीरूज़कूह, दमावंद, लवासानात रूदबार क़सरान, और तालेक़ान जैसे इस प्रांत के उत्तरी भाग में रहते हैं। इन इलाक़ों के लोग बाग़बानी और पुशपालन का काम करते हैं। इन क्षेत्रों में सेब आलूचे, चेरी, ख़ूबानी और पीच के बाग़ होते हैं। जबकि अलबुर्ज़ के दक्षिणी स्लोप के मैदानी भाग के लोग खेती करते हैं। गेहूं, जौ, चारा, मकई, टमाटर, खीरा, सब्ज़ियां, आलू, अंगूर, चुक़न्दर और रूई, इस क्षेत्र के कृषि उत्पाद हैं। तेहरान प्रांत ईरान के उद्योगों के मुख्य केन्द्रों में है और ईरान के कुल उद्योग का 40 फ़ीसद उद्योग इसी प्रांत में हैं। फ़ूड, टेक्सटाइल, लेदर, खदान, ग़ैर-धातु धातु, सैलूलोज़, केमिकल, दवा निर्माण, बिजली, इलेक्ट्रानिक, धातु और ग़ैर धातु की खान के उद्योग इसी प्रांत में हैं। इसी प्रकार तेहरान प्रांत में ऑटोमोबाइल उद्योग भी है जिसमें असेंब्लिंग का काम ज़्यादा होता है गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं का उत्पादन होता है। तेहरान-करज, तेहरान-दमावंद, तेहरान-सावे और तेहरान-क़ुम मार्ग पर आटोमोबाइल उद्योग को विकसित किया गया है।

 

 

 

तेहरान प्रांत के विभिन्न क़स्बों में नाना प्रकार के हस्तकला उद्योग प्रचलित हैं। तांबे और कांसे पर उकेरने की कला, टर्नरी, टोकरी की बुनाई, जड़ाउ का काम, शीशे को तराशने का काम, शीशे पर चित्रकारी का काम, ज़ीलू नामक विशेष प्रकार की क़ालीन की बुनाई, चमड़े पर चित्रकारी, क़ालीन की बुनाई, कपड़े पर विशेष प्रकार की छपाई का काम, कुम्हारी, चटाई की बुनाई, जाजीम और गेलीम नामक विशेष दरी, तेहरान प्रांत के हस्तकला उद्योग हैं।

 

      

तेहरान में बसने वाली जातियों के बारे में इतिहास की किताबों जैसे तारीख़े मर्दूख़ में आया है कि लगभग 3000 साल ईसापूर्व, माद जाति के कुछ क़बीले साइबेरिया से ईरान आए और मर्व तथा शाहरूद से गुज़रते हुए रय और वरामीन में बस गए। इन क़बीलों को पारतास्नी कहा जाता था। इस प्रकार इस इलाक़े के मूल निवासी आर्याई थे किन्तु अब तेहरान प्रांत में पूरे ईरान से विभिन्न जातियां आकर बस गयी हैं। तेहरान प्रांत की जनता की ज़बान फ़ारसी है किन्तु तुर्की-आज़री, कुर्दी, गीलकी, लुरी, माज़न्दरानी वग़ैरह जैसी अन्य बोलियां व भाषाएं तेहरान में प्रचलित हैं कि इसका कारण विभिन्न जातियों की उपस्थिति है। 

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