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मनोरम कहानियां
पुराने समय की बात है एक मरुस्थल में थका मांदा एक कारवां चला जा रहा था। कारवां में बहुत अधिक धन दौलत और मूल्यवान वस्त्र थे। जब सूर्यास्त हुआ और …
बुधवार, 14 नवम्बर 2012 14:36

उधार की ज़िन्दगी

पाठको! आज की कड़ी में एक ऐसे व्यक्ति की जीवन पर आधारित कहानी प्रस्तुत है जो बहुत निकम्मा था और अपना जीवन लोगों के उधार के पैसों पर बिताता था। …
बृहस्पतिवार, 01 नवम्बर 2012 21:15

नाई और रंगरेज़-5

पाठको! पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था कि इस्कंदरिया नगर में अबूक़ीर तथा अबूसीर नामके दो लोग साथ-साथ रहा करते थे।  दोनों आपस में दोस्त थे।  उनमें से एक …
शुक्रवार, 26 अक्तूबर 2012 12:13

नाई और रंगरेज़-4

पिछले कड़ी में हमने बताया था कि मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू …
बृहस्पतिवार, 11 अक्तूबर 2012 17:57

नाई और रंगरेज़-3

पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था सिकंदरिया नगर में दो मित्र अबूक़ीर रंगरेज़ और अबूसीर नाई रहते थे। अबूक़ीर एक धोकेबाज़ व झूठा आदमी था। किन्तु अबूसीर सुशील एवं …
रविवार, 07 अक्तूबर 2012 16:37

नाई और रंगरेज़-2

 मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। …
मंगलवार, 25 सितम्बर 2012 14:59

बदलाव, लेकिन किस क़ीमत पर?!

किसी समय एक जंगल के निकट एक घर में तीन भेंडें साथ-साथ जीवन व्यतीत करती थीं।  इनमें से एक सफ़ेद रंग की थी, दूसरी भूरे रंग की और तीसरी काले …
शनिवार, 15 सितम्बर 2012 19:58

नाई और रंगरेज़-1

पुराने समय की बात है मिस्र के इस्कंदरिया नगर में एक रंगरेज़ और एक नाई की दुकान एक दूसरे के बग़ल में थी। रंगरेज़ का नाम अबूक़ीर और नाई का …
पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि एक दुर्बल व कमज़ोर व्यक्ति चिकित्सक के पास गया। चिकित्सक ने उसकी नाड़ी (नब्ज़) पकड़ी और समझ गया कि उसे असाध्य बीमारी है और …
प्राचीन काल में एक नगर में एक बीमार व्यक्ति रहता था।  अपनी बीमारी के कारण वह बहुत ही कमज़ोर हो चुका था।  वह जो कुछ भी खाता-पीता था वह उसके …
सोमवार, 13 अगस्त 2012 17:36

शन्ज़बे का अंजाम

पिछली कड़ी में हमने यह बताया था कि शन्ज़बे नामक गाय करवां से अलग होकर एक हरे भरे कछार में पहुंची। शन्ज़बे की दिमने नामक सियार के माध्यम से जो …
सोमवार, 23 जुलाई 2012 18:37

शन्ज़बे

शन्ज़बे नामक गाय अपने कारवां से बिछड़ कर एक हरे भरे कछार पर पहुंच गयी और वहीं रहने लगी। शन्ज़बे को दिमने नामक एक गीदड़ ने जो बहुत ही बुद्धिमान …
बुधवार, 18 जुलाई 2012 16:15

ईर्ष्या का परिणाम- भाग 2

शन्ज़बे नामक बैल अपने गल्ले से अलग होकर एक हरे-भरे जंगल पहुंच गया और वहीं रह गया। एक दिन वह अनुकंपाओं से मस्त होकर अचानक चिल्लाया। उससे कुछ दूर पर …
बृहस्पतिवार, 12 जुलाई 2012 17:17

ईर्ष्या का परिणाम

भारी वर्षा हो रही थी और कारवां कठिनाई से आगे बढ़ रहा था। काफिले में एक शंज़बेह नामक बैल था कि जो थकन के कारण एक क़दम भी आगे नहीं …
रविवार, 20 मई 2012 19:05

अक़्ल बड़ी या भैंस?

प्राचीन काल में एक राजा के चार बेटे और एक बेटी थी। बेटों में से एक बड़ा दुबला पतला, नाटा और कुरूप था। पिता सदैव अपने अन्य तीन पुत्रों पर …
शनिवार, 12 मई 2012 16:16

बुद्विमान मित्र

प्रस्तुत है फ़ार्सी भाषा की कहावत पर आधारित कहानी। आज की कहावत है। "दूस्ती बा मरदुम दाना नेकूस्त" कहते हैं कि एक बुद्विमानी व्यक्ति अपने घोड़े पर सवार कहीं जा …
रविवार, 06 मई 2012 18:18

पशु पक्षियों की भाषा-2

ईरान के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार मौलवी की कहानी के अनुसार ईश्वरीय पैग़म्बर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के काल में एक युवा ने उनसे अनुरोध किया था कि वे उसे पशु-पक्षियों …
रविवार, 29 अप्रैल 2012 18:20

पशु पक्षियों की भाषा-1

इतिहास के प्रख्यात कवि मौलाना रोम ने अपने दीवान मसनवी मानवी में एक कहानी बयान की है जो इस प्रकार है। एक युवा व्यक्ति हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के पास गया …
रविवार, 08 अप्रैल 2012 16:29

आलस्य का फल!

पुराने समय की बात है हज़रत दाऊद नबी के काल में एक व्यक्ति रहता था जो आलस्य और सुस्ती के लिए बहुत बदनाम था। यह आलसी व्यक्ति किसी काम को …
रविवार, 25 मार्च 2012 17:12

पक्षियों का राजा

पुराने समय की बात है, एक मोर जंगल से बाहर निकला और उस मार्ग पर चल पड़ा जो झील की ओर जाता था। उसने झील तक पहुंचने के लिए सुन्दर …