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शनिवार, 28 फ़रवरी 2015 12:19

चीन, भारत और श्रीलंका के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग का प्रस्ताव

चीन, भारत और श्रीलंका के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग का प्रस्ताव

 

चीन ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत और श्रीलंका के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग का प्रस्ताव रखा है

 

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने श्रीलंकाई समकक्ष मंगला समरवीरा के साथ एक संयुक्त पत्रकार सम्मेलन में कहा कि चीन, भारत और श्रीलंका के बीच एक त्रिपक्षीय सहयोग की योजना रखता है। उनका कहना था कि मैं कहना चाहता हूं कि भारत और श्रीलंका दक्षिण एशिया में चीन के सहकारी साझेदार हैं। वांग ने कहा कि चीन, तीनों देशों के साथ संबंध में प्रगति चाहता है जिनमें नयी दिल्ली और कोलंबो के बीच संबंध शामिल है। वांग ने कहा कि भविष्य में त्रिपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के संबंध में हम भारत के साथ विचार विमर्श निश्चित रूप से करना चाहेंगे। वांग ने कहा कि समुद्री सिल्क रोड चीन और श्रीलंका को सैकड़ों साल पहले करीब लाया था और दोनों देशों के लोगों के जोडऩे के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण चीज़ है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश समुद्री सिल्क रोड में नयी जान फूंकने की है ताकि शांति के सिल्क मार्ग के माध्यम से भावना, दोस्ताना और सहयोग को आगे ले जाया जा सके तथा साझा विकास को आगे बढ़ाने के लिए सभी संबद्ध देशों के साथ काम किया जा सके।

 

इस पत्रकार सम्मेलन में श्रीलंका के विदेशमंत्री मंगला समरवीरा ने चीन के त्रिपक्षीय प्रस्ताव पर टिप्पणी नहीं की।  उन्होंने भारत को एक पड़ोसी और संबंधी तथा चीन को निकटवर्ती मित्र बताते हुए कहा कि उनकी सरकार श्रीलंकाई लोगों के हित में सभी देशों के साथ अच्छे संबंध के जरिए गुट निरपेक्षता की नीति का पालन करेगी।

ज्ञात रहे कि श्रीलंका में हालिया राष्ट्रपति चुनाव के बाद से बीजिंग की यात्रा करने वाले समरवीरा प्रथम श्रीलंकाई अधिकारी हैं। समरवीरा की चीन यात्रा के बाद, श्रीलंका के नये राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना अगले महीने चीन की यात्रा कर सकते हैं। (AK)

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