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शनिवार, 28 फ़रवरी 2015 07:57

राजनीति में कारोबार सबके लिए हानिकारक है

राजनीति में कारोबार सबके लिए हानिकारक है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की संसदीय दल के प्रमुखों से शुक्रवार को होने वाली मुलाक़ात विफल हो गयी क्योंकि कुछ पार्टियों की ओर से सेनेट चुनाव में ओपन पोलिंग के बारे में प्रस्तावित 22वें संविधान संशोधन का विरोध किया गया है।

 

मुख्य विपक्षी दल पिपल्स पार्टी और गठबंधन में शामिल जेयूआई (फ़) ने अंतिम क्षणों में गुप्त रूप से ओपन पोलिंग के प्रस्तावित वोटिंग सिस्टम के प्रस्ताव का विरोध किया। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पिपल्ज़ पार्टी के महासचिव और पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ ने कहा कि हमारी पार्टी चुनावी सुधार चाहती है किन्तु यह काम समस्त बड़ी पार्टियों की सहमति से होना चाहिए। बैठक में भाग लेने वाली पीपीपी की उप प्रमुख शेरी रहमान ने कहा कि चुनावी सुधार में बेहतरीन शैली का चयन किया जाना चाहिए जैसा कि पीपीपी ने अपने शासन काल में 18वें संशोधन के समय किया।

 

जेयूआई (फ़) के प्रवक्ता जान उचकज़ई ने कहा कि हम इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं क्योंकि यह एक सीमित और अंतरिम संशोधन है जिसे सेनेट के लिए एक प्रभावी और सुधार प्रक्रिया नहीं समझा जा सकता। दूसरी ओर पीटीआई और एमक्यएम ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इस से पहले बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि सेनेट चुनाव में पारदर्शिता का चुनावी सुधार से गहरा संबंध है और हम सबको मिलकर सेनेट की पवित्रता बनाये रखनी चाहिए। उनका कहना था कि राजनीति में कारोबार हम सब के लिए हानिकारक है और इसको रोकना सब की ज़िम्मेदारी है। (AK)

 

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