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शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015 16:13

कर्शनर के ख़िलाफ़ अमिया मामले को छिपाने का आरोप ख़ारिज

कर्शनर के ख़िलाफ़ अमिया मामले को छिपाने का आरोप ख़ारिज

अर्जेन्टिना में अदालत ने इस देश की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फ़र्नान्डेज़ डी कर्शनर के ख़िलाफ़ 1994 के अमिया घटना से संबंधित जानकारी को छिपाने के आरोप को ख़ारिज कर दिया है।

 

फ़ेडरल जज डेनियल रफ़ेकास ने कहा कि कर्शनर की उस रोल को कथित तौर पर छिपाने की कोशिश की जांच जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है कि जिस रोल के बारे में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान ने यहूदी सोसाइटी सेंटर अमिया में हुए बम धमाके में निभाया है। जज ने कहा कि कर्शनर के ख़िलाफ़ दस्तावेज़ उस न्यूनतम स्तर के भी नहीं हैं जो उनके ख़िलाफ़ आधिकारिक न्यायिक जांच शुरु करने के लिए ज़रूरी हैं।

 

अर्जेन्टिना के फ़ेजरल अभियोक्ता जेराडो पॉलिसिटा इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने वाले हैं। जेराडो पॉलिसिटा, अलबर्टो निसमैन के स्थान पर आए हैं जो 18 जनवरी को ब्यूनस आयरेस में अपने अपार्टमंट के हम्माम में मृत पाए गए थे। पुलिस की आरंभिक जांच में कहा गया है कि निसमैन ख़ुद से लगी गोली से मरे। उनकी मौत, अर्जेन्टिना की संसद में अमिया हमले के संबंध में प्रमाण पेश करने से कुछ घंटे पहले हुयी। इस वकील ने अर्जेन्टिना की राष्ट्रपति कर्शनर, विदेश मंत्री हेक्टर टिमरमैन और सांसद आंद्रे लरोकू पर अमिया मामले में ईरान को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

 

अर्जेन्टिना की राष्ट्रपति कर्शनर ईरान के ख़िलाफ़ दावे को यह कहते हुए कई बार रद्द कर चुकी हैं कि दिवंगत अभियोक्ता के दावे निराधार व निरर्थक थे।

 

ज्ञात रहे जुलाई 1994 में ब्यूनस आयरेस में अर्जेन्टिना इस्राईल परस्पर संघ अमिया की इमारत में हुए बम धमाके में 85 व्यक्ति हताहत और 300 अन्य घायल हुए थे।

 

इस्राईल ने इस आतंकवादी हमले की योजना बनाने का आरोप ईरान पर लगाया था। ईरान इस आरोप को कड़ाई से रद्द करता है।(MAQ/N)

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