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बुधवार, 24 जून 2015 15:28

Dr Hemant Kumar

Dr Hemant Kumar

कब्र की पुकारक्या आपने भी मुझे याद कियाजरा सुनमेरे अंदर अंधेरा है नमाज की रोशनी लेकर आनामेरे अंदर घबराहट है तिलावत कुरान लेता आनामेरे अंदर साँप बिछू है हुजूर की सुन नत लेते आनामेरे अंदर आग है खोफे खुदा लेते आना...क्या पता किसी के अमल करने सेआप की भी बकशिश हो जायेजिसकी नमाज अच्छीउसकी जिन्दगी अच्छीजिसकी जिन्दगी अच्छीउसकी मौत अछीजिसकी मौत अच्छीउसकी कब्र अच्छीजिसकी कब्र अच्छीउसकी आखिरत अच्छीऔर जिसकी आखिरत अच्छीउसकी जन्नत पक्की

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