यह वेबसाइट बंद हो गई है। हमारी नई वेबसाइट हैः Parstoday Hindi
रविवार, 22 जून 2014 14:46

वरिष्ठ धर्मगुरूओं के फ़त्वों से थर्राए आतंकी..... अपनी बात

वरिष्ठ धर्मगुरूओं के फ़त्वों से थर्राए आतंकी..... अपनी बात

इराक़ में आतंकवादी गुट आईएसआईएल या दाइश ने पिछले एक सप्ताह के दौरान कई अमानवीय अपराध किए हैं। इस समूह के आतंकवादी अब तक अंबार और फल्लूजा जैसे क्षेत्रों में मौजूद हैं और आतंकवादी हमलों के माध्यम से पूरे देश में अशांति पैदा किए हुए हैं। इराक़ की सेना ने इन दोनों क्षेत्रों में उनका मुकाबला किया और कुछ सीमा तक उनका दमन भी किया लेकिन पिछले सप्ताह से आईएसआईएल के हमलों में काफी वृद्धि हो गई और उसने सेना में कुछ ग़द्दारों की मदद से कई शहरों पर कब्जा कर लिया है।

 

 

आईएसआईएल या आईएसआईएस ने सीरिया में निर्दोष लोगों का जनसंहार किया था लेकिन सीरियाई सेना की ज़बरदस्त कार्यवाही और जनता की ओर से सेना के ज़बरदस्त समर्थन के कारण इस समूह को लगातार हार उठानी पड़ी थी और वह वहां से अपना बोरिया बिस्तरा लपेटने पर मजबूर हो गया था। इस समय सीरिया की सेना एक के बाद दूसरे नगरों को तकफ़ीरी आतंकवादियों के कब्जे से छुड़ा रही है जिसकी वजह से आतंकवादी इराक़ में अपना ठिकाना बनाने पर मजबूर हो गए हैं।

 

 

वरिष्ठ धर्म गुरू आयतुल्लाह हिल उज़मा सैयद अली सीस्तानी ने तकफ़ीरी आतंकवादियों के विरुद्ध जो जेहाद का फ़तवा दिया है उसने इराकी जनता में बहुत उत्साह पैदा कर दिया है और वह आतंकवादियों से मुक़ाबले के लिए लोग बड़े उत्साह के साथ नाम लिखवा रहे हैं।

 

इस बात में कोई शक नहीं है कि नूरी मलिकी सरकार, इराक़ी जनता की कई मांगों को पूरा करने में विफल रही है लेकिन यह भी विश्वास से कहा जा सकता है कि इराक़ के लोग कठिनाइयों और समस्याओं के कारण कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि कोई विदेशी बाहरी और पाश्विक गुट, उनकी आस्थाओं पर राज करे।

 

 

बासी और तकफ़ीरी गठबंधन ने अपने विदेशी समर्थकों के साथ शीया वरिष्ठ धर्म गुरूओं की शक्ति को ध्यान में रखे बिना, नरक में कदम रख दिया है और इस तरह निर्दोषों का खून बहाने और अपनी मौत के अतिरिक्त उन्हें कुछ भी प्राप्त नहीं होगा।

अख़्तर रिज़वी *

( नोटः लेखक के विचारों से रेडियो तेहरान हिंदी सेवा का सहमत होना आवश्यक नहीं है)

This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

 

Comments   

 
0 #2 JEHAD 2014-10-07 06:49
Jis Dil Me SAHABA RA ka Bughz Rahega
Wo Seena Yunhi Matam se pit ta rahega
Keh do Gham-e- Hussain Manane walon ko,
Momin Kabhi Shohada ka Matam nahi krte Hain,
Ishq Apni Jaan se zyada Aal-e-Rasool se lekin,
Yun Sar-e-Aam Hum Unka Tamaasha nai karte,
Roein wo jo munkir hain shahadat-e-HUSS AIN k,
Hum zinda-o-javaid ka matam nahi kertein...!!
Quote
 
 
0 #1 raza husain 2014-06-26 13:46
bhot accha blog hai. mai pori tarah sahmat hoo. but hamey ek chinta hai. is baar antakvad ka naam sunni terriest pori dunia mai ubhar gaya hai. mera yaqeen karai ab poori dunia mai sunnio ko preshani uthani paregi
Quote
 

Add comment


Security code
Refresh