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सोमवार, 09 जून 2014 20:11

ईरान और अमरीका में कब तक रहेगी शत्रुता.... अपनी बात

ईरान और अमरीका में कब तक रहेगी शत्रुता.... अपनी बात

अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार ग्रेट पोर्टर ने जो वर्षों से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों के बारे में काम कर रहे हैं, फ़ार्स समाचार एजेंसी के साथ एक साक्षात्कार में ईरान के परमाणु मामले पर कई वर्षों से जारी जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि परमाणु समझौते का परिणाम यह नहीं निकलेगा कि ईरान और अमेरिका के बीच शत्रुता समाप्त हो जाए।

उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जाली संकट पैदा किया गया और यह सबसे बड़ा और सफल वैश्विक धोखा है जो हालिया वर्षों में पूरी दुनिया के लोगों को दिया गया है। उन्होंने इसी तरह ईरान की परमाणु वार्ता के संबंध में अमरीका और ज़ायोनी शासन के बीच मतभेद की संभावना को ख़ारिज नहीं किया लेकिन यह अवश्य कहा कि इस्राईल, वार्ता प्रक्रिया को खराब करने की क्षमता रखता है। इस प्रसिद्ध अमेरिकी पत्रकार के अनुसार इस्राईल की सरकार को अपनी घोषणा के विपरीत जो कि जिसमें वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ख़तरा बताता है, ईरान के शक्तिशाली होने से चिंतित है और वह ईरान को अपने क्षेत्रीय लक्ष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा समझती है।

वैसे ईरान के परमाणु मामले के समाधान में बाधा कई अन्य पक्षों द्वारा भी डाली जा रही है। यही कारण है कि परमाणु ऊर्जा एजेंसी में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने अपने एक बयान में इस तरह की बाधाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ईरान के सभी अधिकारों का सम्मान किया जाए और सभी अवैध दबाव समाप्त कर दिए जाएं तो परमाणु कार्यक्रम के पूरी तरह शांतिपूर्ण होने की अधिक गैरेंटी के लिए अधिक पारदर्शिता के लिए सहमति बन सकती है।

वास्तव में ईरान के बारे में अमेरिका और यूरोप का रुख़ अस्पष्ट है जिससे पता चलता है कि वास्तविक समस्या निराधार दावों के माध्यम से परमाणु वार्ता में अमेरिका की ओर से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास है और शायद यही कारण है कि ग्रेट पोर्टर जैसे विश्व विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु मामले की समाप्ति के बावजूद ईरान और अमरीका के बीच समस्याओं का अंत नहीं होगा। (AK)

अख़्तर रिज़वी *

( नोटः लेखक के विचारों से रेडियो तेहरान हिंदी सेवा का सहमत होना आवश्यक नहीं है)

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