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बुधवार, 20 जनवरी 2016 16:58

वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रपति के पत्र का दिया उत्तर

वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रपति के पत्र का दिया उत्तर

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने परमाणु वार्ता के परिणाम तक पहुंचने के बारे में राष्ट्रपति रूहानी के पत्र के उत्तर में ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध के मुक़ाबले में सामने वाले पक्षों के पीछे हटने और वार्ताकार टीम के प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने राष्ट्रपति के नाम अपने पत्र में राष्ट्रपति रूहानी, विदेशमंत्री तथा समस्त वार्ताकारों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बल देकर कहा है कि प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था की दिशा में समस्त क्षेत्रों में निरंतर व तर्कसंगत प्रयास के कारण आर्थिक समस्याएं दूर हुई हैं और केवल प्रतिबंधों की समाप्ति, देश की अर्थव्यवस्था के निखार और जनता की आर्थिक स्थिति के बेहतर होने के लिए ही पर्याप्त नहीं है। वरिष्ठ नेता ने अपने पत्र में इस बात पर बल दिया कि प्रचारों में भी इस बात पर ध्यान दिया जाए कि इस मामले में जो कुछ प्राप्त हुआ है उसके लिए भारी क़ीमत चुकानी पड़ी है और जिन लेखों व बातों में इस वास्तविकता की अनदेखी करने और स्वयं को पश्चिमी पक्ष का ऋणि दिखाने का प्रयास किया गया है वे देश के जनमत से सच्चा व्यवहार नहीं कर रहे हैं।

 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस बात की निगरानी की जानी चाहिए कि सामने वाला पक्ष पूर्ण रूप से अपने वचनों पर अमल कर रहा है क्योंकि हालिया एक दो दिन में कुछ अमरीकी अधिकारियों के बयान पूर्ण रूप से भ्रांतियों का कारण बने हैं। आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई के पत्र में आया है कि इतनी ही सफलता, साम्राज्यवादी मोर्चों और ज़ोर-ज़बरदस्ती करने वालों के मुक़ाबले में प्रतिरोध और डटे रहने से प्राप्त हुई है और ईरान में समस्त घटनाओं के लिए इसे एक बड़ा पाठ समझना चाहिए। वरिष्ठ नेता के पत्र में एक बार फिर देश के अधिकारियों के लिए सफलताओं की कामना करते हुए बल दिया गया है कि इस संबंध में और अन्य मामलों में साम्राज्यवादी सरकारों विशेषकर अमरीका के विश्वासघातों और वचनों पर अमल न करने की ओर से सचेत रहना चाहिए। (AK)

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