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सोमवार, 07 दिसम्बर 2015 15:39

पश्चिमी जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के ख़त पर प्रतिक्रियाएं जारी

पश्चिमी जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के ख़त पर प्रतिक्रियाएं जारी

पश्चिमी देशों के जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के दूसरे ख़त पर प्रतिक्रियाओं का क्रम जारी है।

पश्चिमी देशों के जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के ख़त और उनसे सही इस्लाम की पहचान और उसके अध्ययन के बारे में अनुशंसा पर, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया व सोशल वेबसाइटों पर प्रतिक्रियाएं जारी हैं।

 

‘फ़ॉरेन पॉलिसी’ पत्रिका ने आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई के इस ख़त के कुछ भागों का का उल्लेख करते हुए लिखा कि इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने इस्लाम के बारे में ग़लतफ़हमी को दूर करने का एकमात्र रास्ता पवित्र क़ुरआन और पैग़म्बरे इस्लाम के आचरण के ज़रिए इस सच्चे धर्म की पहचान को बताया है।

 

‘न्यूयॉर्क’ मैग्ज़ीन ने भी लिखा कि वरिष्ठ नेता ने पश्चिमी जवानों से अनुरोध किया है कि वे खुले मन से इस्लाम के बारे में विचार करें।

 

‘न्यूयॉर्क’ मैग्ज़ीन के अनुसार, वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि पश्चिमी देशों के जवान घटिया व अपमानजनक छवि के ज़रिए अपने व सच्चाई के बीच भावनात्मक दीवार न खड़ी होने दें। इसी प्रकार वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि पश्चिमी जवानों से निष्पक्ष फ़ैसला करने की संभावना ख़त्म न होने पाए।

 

बी बी सी चैनल ने भी वरिष्ठ नेता के ख़त के हवाले से लिखा है कि वरिष्ठ नेता ने पश्चिमी जवानों के नाम खुले ख़त में उन्हें भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के बजाए इस्लाम के बारे में सही जानकारी हासिल करने का निमंत्रण दिया है।

 

अमरीकी साप्ताहिक पत्रिका ‘टाइम’ ने भी वरिष्ठ नेता के ख़त के कुछ भागों को कोट किया और लिखा है कि आयतुल्लाह ख़ामेनई ने पश्चिमी जवानों से सिफ़ारिश की है कि वे इस्लाम के बारे में जानकारी हासिल करें और इस बात की इजाज़त न दें कि इस्लाम के बारे में उनके मन में मौजूद छवि, इस्लाम के बारे में पूर्वाग्रह का कारण बने। इस साप्ताहिक पत्रिका में आया है कि इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने उत्तरी अमरीका और यूरोप के जवानों से अनुशंसा की है कि वे ख़ुद इस्लाम को समझें और मीडिया में इस्लाम के बारे में की जाने वाली भेदभावपूर्ण बातों पर ध्यान न दें।

 

पत्रिका ‘ब्लूमबर्ग’ ने भी ‘आयतुल्लाह ख़ामेनेई’ शीर्षक के तहत रिपोर्ट में पश्चिमी जवानों से इस्लाम के बारे में पूर्ण धारणा से बचने की अपील की है और लिखा हैः “ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता, पश्चिमी जवानों से चाहते हैं कि वे फ़्रांस में हुए जनसंहार की घटना को इस्लाम के बारे में पूर्वाग्रह न बनने दें।”

 

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