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शनिवार, 25 अप्रैल 2015 13:39

ईरान के वर्तमान सिनेमा की समीक्षा

ईरान के वर्तमान सिनेमा की समीक्षा

हम जानते हैं कि किसी भी देश में सिनेमा का महत्व, फ़िल्मों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि अच्छा सिनेमा वह है जिसमें दर्शकों के साथ उचित संपर्क पाया जाता हो। विभिन्न मानदंडों के आधार पर दर्शकों को क्रमबद्ध किया जा सकता है। इनमें से हर एक, अपनी आवश्यकता और रुचि के अनुसार विशेष प्रकार की फ़िल्मों को पसंद करता है। इस बीच निर्माताओं तथा दर्शकों के बीच आलोचकों को संपर्क के रूप में देखा जाता है। वे लोग फ़िल्मों की आलोचना करके जहां एक ओर निर्माताओं की सहायता करते है वहीं दर्शकों की जानकारी में वृद्धि करते रहते हैं।

 

पूरे विश्व में फ़िल्मों की कहानी लिखने वालों को फ़िल्मों का प्रथम दर्शक माना जाता है। वे लोग अपनी निजी तथा समाज के बारे में जानकारी के आधार पर सिनेमा की समीक्षा करते हैं और उसके बाद संचार माध्यमों द्वारा उसे दूसरों तक पहुंचाते हैं। ईरान में सिनेमा से संबन्धित पहली पत्रिका सन 1930 में प्रकाशित की गई थी। इसका नाम था ‘सिनेमा व नेमायेशात’ जिसमें संस्कृति, और व्यापार पर समान रूप से ध्यान दिया गया था। इसके अतिरिक्त इसके अधिकांश पृष्ठों को फ़िल्मों के प्रचार और लोगों को सिनेमा जाने के लिए प्रेरित करने से विशेष किया गया का है। उसके बाद सिनेमा के बारे में कुछ अन्य पत्रिकाएं प्रकाशित हुईं जिनका झुकाव अलग-अलग हुआ करता था। उदाहरण स्वरूप सन 1941 में जब ईरान घटक देशों के नियंत्रण में था, उस समय पश्चिम ने ईरान में विभिन्न बहानों से हस्तक्षेप आरंभ कर दिया। इसके बाद से ईरान में पश्चिमी फ़िल्में दिखाई जाने लगीं। बाद में “तेहरान” से  नामक पत्रिका प्रकाशित की गई। इस पत्रिका में प्रकाशित अधिकांश बातें, पश्चिमी सिनेमा और हॉलीवुड के सितारों के बारे में हुआ करती थीं।

 

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता तक सिनेमा से संबन्धित बहुत सी पत्रिकाएं, छपने लगीं। इन पत्रिकाओं के पढ़ने से तत्कालीन सिनेमा की स्पष्ट छवि सामने आ जाती है। इसी के साथ ही ईरान के तत्कालीन समाज को उचित ढंग से पहचानने में बहुत सहायता मिलती है। उस काल की सिनेमा से संबन्धित पत्रिकाओं को कुछ श्रेणियों में बांटा जा सकता है। उनमें से कुछ, केवल व्यापारिक फ़िल्मों का प्रचार-प्रसार करती थीं। इस प्रकार की पत्रिकाओं का ईरानी संस्कृति से कोई लेनादेना नहीं था और उनमें कलात्मक विशेषताएं नहीं पाई जाती थीं।

 

दूसरी ओर ऐसी पत्रिकाएं भी थीं जो विशेष प्रकार के सिनेमा पर ही ध्यान दिया करती थीं। वे ऐसी फ़िल्मों की भी समीक्षा किया करती थीं जिनके दर्शक बहुत ही कम हुआ करते थे। इनमे उस काल के पश्चिमी सिनेमा की ओर पाए जाने वाले झुकाव के कारण वे पश्चिमी लेखों को आदर्श बनाते हुए उसी शैली पर फ़िल्मों की समीक्षा करती थीं। जनता और स्थानीय संस्कृति से दूरी तथा आयातित संस्कृति के प्रित लगाव ही इस प्रकार की बातों का कारण था।

 

ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद सिनेमा ने एक नए अनुभव के साथ विकास किया। इस्लामी क्रांति के बाद सिनेमा के बारे में पत्रिकाएं भी प्रकाशित की गईं। इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद पहली मासिक पत्रिका सन 1982 में प्रकाशित हुई जिसका नाम “फ़िल्म” था। यह पत्रिका अब भी प्रकाशित हो रही है।

 

“फ़िल्म” नामक पत्रिका वास्तव में ईरान की वह बहुत पुरानी पत्रिका है जिसमें ईरान तथा विश्व की सिनेमा की ख़बरें, फ़िल्मों का परिचय और ईरान एवं संसार की फ़िल्मों की समीक्षा, सिनेमा जगत से संबन्ध रखने वाले लोगों के साक्षात्कार तथा फ़िल्मों से संबन्धित समस्त विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाता है। इसके अतिरिक्त इस पत्रिका के प्रकाशकों ने ईरानी सिनेमा के अन्तर्राष्ट्रीय संबोधकों के दृष्टिगत अंग्रेज़ी भाषा में एक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित की जिसका नाम ‘film-international’ है। इस त्रैमासिक पत्रिका में ईरानी सिनेमा के बारे में बातें प्रकाशित की जाती हैं। ईरान में फ़िल्मी गतिविधियों के बारे में अंग्रेज़ी भाषा में यही एकमात्र पत्रिका है। यह इंटरनेट पर भी उपलब्ध है जिसका पता है www.film-international.com

 

इसके अतिरिक्त ईरान में सिनेमा से संबन्धित प्रकाशित होने वाली कुछ अन्य मासिक पत्रिकाए भी हैं जैसे “फ़िल्म निगार” “दुनियाए तस्वीर” “24” ‘सनअते सिनेमा’ आदि। इनमें से अधिकांश पत्रिकाएं केवल ईरानी सिनेमा के बारे में ही विषयों को प्रकाशित करती हैं जिनके अपने विशेष पाठक हैं। ईरान के फ़िल्मों के विषयों से संबन्धित एक समाचारपत्र “बानी फ़िल्म” का भी प्रकाशन होता है। यह समाचारपत्र पहली बार सन 2003 में प्रकाशित हुआ था। इसमें सिनेमा, टेलिविज़न और ईरानी थियेटर से संबन्धित विषयों पर प्रकाश डाला जाता है।

 

उल्लेखनीय है कि अधिकांश सिनेमा की पत्र-पत्रिकाओं में यह प्रयास किया जाता है कि लोगों में फ़िल्मों को समझने की क्षमता को बढ़ाया जाए। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ईरान में सिनेमा से संबन्धित पत्र-पत्रिकाओं की संख्या 15 है और लगभग इसी संख्या में पत्र एवं पत्रिकाएं प्रकाशन की अनुमति की प्रतीक्षा में हैं। इसके अतिरिक्त इससे संबन्धित वेबसाइट्स भी हैं जिनसे विश्व के बहुत से लोग लाभ उठाते हैं।

 

ईरान में बड़ी संख्या में सिनेमा से संबन्धित लेखकों और आलोचकों की उपस्थिति के कारण एक संस्था का गठन किया गया है जिसका नाम ‘सिनेमा लेखकों व आलोचकों का संघ’ है। यह संस्था पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से अपनी गतिविधियां अंजाम दे रही है। इस संघ का एक कार्य है प्रतिवर्ष सिनेमा जगत के वरिष्ठ व्यक्ति का चयन अर्थात यह संघ हर साल ईरानी सिनेमा के वरिष्ठ व्यक्ति का चयन करके उसे सम्मानित करता है। इस कार्य के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसमें चुने जाने वाले व्यक्ति के नाम की घोषणा की जाती है और उसे पुरस्कृत किया जाता है। ईरान के सिनेमा लेखकों और आलोचकों का संघ इसके अतिरिक्त एक अन्य कार्य भी करता है जो अन्य फ़िल्म समारोहों में बहुत ही कम देखने को मिलता है। संघ के चयनकर्ता, हर साल उभरती हुई क्षमताओं को परख कर उनका समर्थन करते हैं। जानकारों का कहना है कि चयनकर्ताओं का यह कार्य प्रशंसनीय है क्योंकि इससे देश की सिनेमा के क्षेत्र में उभरती हुई क्षमताएं तेज़ी से विकसित होती हैं।  (QR)

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